शहीद हेमराज जिनका सिर ..पाकिस्तानी कायरों ने काट लिया और फिर शिश लोटकर कभी भारत नही आया |
उनकी बहन की चार पंक्ति में कल्पना सुनिये|
दादी का दुलार भुला, बाबुल का प्यार भुला
मोतियों की माला मेरी आज तक न लाया है |
होली वाले रंग भुला ,दीपों की उमंग भुला ..राखी का त्यौहार बार - बार बिसराया है
भाभी मेरा भैया तो जनम से भुलक्कड़ था
आज भी उस आदत को दोहराया है
जाते समय मैय्या के आशीष लेना भूल गया
आते समय रणथल में शीश भूल आया है |
उनकी बहन की चार पंक्ति में कल्पना सुनिये|
दादी का दुलार भुला, बाबुल का प्यार भुला
मोतियों की माला मेरी आज तक न लाया है |
होली वाले रंग भुला ,दीपों की उमंग भुला ..राखी का त्यौहार बार - बार बिसराया है
भाभी मेरा भैया तो जनम से भुलक्कड़ था
आज भी उस आदत को दोहराया है
जाते समय मैय्या के आशीष लेना भूल गया
आते समय रणथल में शीश भूल आया है |